कोरोना वायरस अब किसी परिचय की मोहताज नहीं रह गई है इसने पूरी दुनिया में इतना नाम कमा लिया है कि हमारे आने वाली कई पीढ़ी चाह कर भी इसे नहीं भूल पाएगी. इस महामारी ने पूरी दुनिया को अपने साए मे ले रखा है. इसकी शर्त बस इतनी है कि तुम मुझे अपनी मानसिक और शारीरिक मजबूती से हराओ अन्यथा मैं तुम्हें हरा दूंगी,यानी कि हम इंसानों का फिटनेस टेस्ट लेने की बात हो रही है, और हमें यह अच्छी तरह मालूम है कि आज इस दौड़ती-भागती दुनिया में हम अपने को कितना फिट रखते है क्योंकि हमारी सोच Health is Wealth से बदलकर Wealth is Health की हो चुकी है.और हमारी दूसरी मुसीबत यह है कि कोरोना हमारे Wealth से नहीं मान रही है क्योंकि अभी तक इसकी कोई वैक्सीन या दवा नहीं बनी पाई है जो हमें इस मुसीबत से बचा सके, यानी कि हम बुरे फंस चुके है.

अब हम इंसानों के पास एक उपाय बचते हैं कि हम कोरोना वायरस से मुलाकात ही नहीं करें, जिसकी तैयारी पूरे विश्व में Lockdown के द्वारा कर रखी है हम Social Distancing के द्वारा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं, ना हम बाहर आएंगे, ना किसी कोरोना वायरस से इनफेक्टेड व्यक्ति से मुलाकात होगी, ना उसकी वजह से हम इनफेक्टेड होंगे.और इस नियम को हमें तब तक मानना हैं जब तक की इसका कोई इलाज नहीं निकल जाता, या पूरे विश्व से यह वायरस Lockdown की वजह से समाप्त नहीं हो जाती.

WHO ने Lockdown के दौरान हमें घर पर Yoga, Exercise, गरम पानी पीने जैसा सुझाव दे रहा है.और इस बात का हम सबको एहसास है कि अब हमें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है ताकि गलती से भी हमें कोरोना वायरस का सामना करना पड़ जाए, उस वक्त हम कमजोर ना पड़े. इसलिए इस लॉकडाउन में हमें अपने खानपान (nutrition) और फिटनेस के ऊपर काम करने की जरूरत है जिससे हम अपना इम्यूनिटी सिस्टम (immunity system) मजबूत कर सके. एक कहावत है “जब जागो, तभी सवेरा”, परंतु अभी की हालात हमें कह रही हैं इस “लॉकडाउन में जागो, तभी सवेरा” अन्यथा ऐसा ना हो कि हमें कहना पड़े “अब पछताये होत क्या, जब चिड़ियाँ चुग गई खेत”.

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kumar Shivendra narayan is fitness and life style motivator